क्षमता विकासः त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों का प्रशिक्षण
पपंचायतीराज विभाग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों व कर्मचारियों को प्रतिवर्ष क्षमता निर्माण एवं विकास हेतु सतत् रूप से प्रशिक्षण दिये जाते हैं। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिनियमों, कार्यों, दायित्वों, क्रियाकलापों एवं विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, संचालन एवं अनुश्रवण के सम्बन्ध में जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण में मुख्यतः निम्न विषय सम्मिलित किये जाते हैं :
- राज्य के पंचायतीराज अधिनियम के मुख्य प्राविधान
- पंचायतों में क्रियान्वित केन्द्रपोषित योजनाऐं
- पंचायतों में क्रियान्वित राज्य/जिला सेक्टर योजनाऐं
- विकास योजनाऐं एवं पंचायत की जानकारी
- सी0ए0जी0 के नवीन प्रारूपों की जानकारी
- पंचायतों के अभिलेखों का रख-रखाव
- पंचायतों के अभिलेखों की लेखा परीक्षा/सामाजिक ऑडिट
- पंचायतों के कार्य एवं दायित्व
- संविधान के 73वें संशोधन के मुख्य प्राविधान
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की जानकारी
- पंचायतीराज की वैधानिक व्यवस्था, अधिनियम, प्रचलित नियमावली, अधिप्राप्ति नियमावली, वित्तीय नियम।
- राज्य एवं भारत सरकार की ग्रामीण विकास एवं अन्य विभागों की योजनायें
- अन्य विभागों की लाभार्थीपरक योजनाऐं
- ई- पंचायत
- डॉ ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना
उक्त प्रशिक्षण तीनों स्तरों की पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों व पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के लिये प्रस्तावित लक्ष्य निम्न प्रकार है :
क्र0सं0 | विवरण | ग्राम पंचायत | क्षेत्र पंचायत | जिला पंचायत |
1 | त्रिस्तरीय पंचायतों की संख्या |
7791 |
95 |
13 |
2 | निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या |
60904 |
3201 |
403 |
3 | निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या |
33633 |
1702 |
220 |
प्रशिक्षणों हेतु मूलभूत ढॉचा – उक्त प्रशिक्षण के सम्पादनार्थ पंचायतीराज विभाग में वर्तमान में राज्य स्तर का प्रशिक्षण संस्थान उधमसिंहनगर में स्थापित है, जबकि 8 जनपदों में प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0) तथा 02 जनपदों में जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर स्थापित है। प्रशिक्षण संस्थानों का विवरण निम्न प्रकार है :-
- उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान, रूद्रपुर उधमसिंहनगर।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), पौड़ी गढ़वाल।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), गुरूकुल कांगड़ी, हरिद्वार।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0),हवालबाग, अल्मोड़ा।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), उधमसिंहनगर।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), गोपेश्वर, चमोली।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), हल्दूचौड़, हल्द्वानी, नैनीताल।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), थरकोट, पिथौरागढ़।
- प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र (ई0 टी0 सी0), शंकरपुर, देहरादून।
- जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, उत्तरकाशी
- जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, चम्पावत
पप्रशिक्षण सामग्री : क्षमता विकास हेतु विकसित प्रशिक्षण सामग्री का विवरण निम्न प्रकार है :
- ग्राम पंचायतों हेतु हस्तपुस्तिका।
- क्षेत्र पंचायतों हेतु हस्तपुस्तिका
- जिला पंचायतों हेतु हस्तपुस्तिका
- विकास योजनाओं से सम्बन्धित हस्तपुस्तिका
- पंचायतों हेतु मॉड्यूल
विभाग में संचालित प्रशिक्षणों से सम्बन्धित योजनाऐं : विभाग में निम्न योजनाओं के अन्तर्गत पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण के लिये धनराशी आवंटित की जाती है :
केन्द्र पोषित योजना-
- राजीव गॉधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान/राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
राज्य सेक्टर योजना-
- निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण।
- त्रिस्तरीय पंचायतों में महिला प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण
डॉ0 ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना (ग्राम पंचायत विकास योजना) – पंचायतों के सुनियोजित विकास हेतु विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये ग्राम पंचायत की दीर्घकालिक पंचवर्षीय योजना एवं वार्षिक योजनओं को “डॉ0 ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना” नाम दिया गया है। योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत के लिये वार्षिक एवं पंचवर्षीय योजनाएं स्वयं ग्राम सभा की खुली बैठकों में तैयार की जायेंगी, जिसमें स्थायी प्रकार की परिसम्पत्तियों के निर्माण एवं जलापूर्ति, सीवरेज, सेप्टैज प्रबंधन, जल निकासी, सड़कों, फुटपाथों, स्ट्रीट लाईट, कब्रिस्तानों, शम्शान घाटों आदि योजनाऐं तैयार की जायेंगी। योजना निर्माण हेतु क्षमता विकास के उद्देश्य से 03 राज्य स्तर की कार्यशालाओं में लगभग 300 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया तथा उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के माध्यम से 311 राजकीय अधिकारियों व गैर सरकारी संगठनों के 195 प्रतिनधियों को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा जनपद स्तर पर 24 कार्यशालाओं में पुनः लगभग 1240 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया गया है और इन सभी मास्टर ट्रेनरों द्वारा 7950 ग्राम पंचायतों के लगभग 800 क्लस्टर (लगभग 10 ग्राम पंचायतों पर एक क्लस्टर) तैयार कर प्रत्येक क्लस्टर को तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण प्रदान करते हुए लगभग 26000 ग्राम स्तरीय प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
प्रशिक्षणों के दिशानिर्देश
सम्पन्न प्रशिक्षण
वर्तमान में जारी प्रशिक्षण
IEC – Book on Solid Waste Management
IEC – Book on Subject “Kuda”
IEC – GPDP